प्यारा है प्यारा दयानन्द प्यारा
सबके दिलों पे करते हैं राज
कर रहे सब उन्हें दिल से याद
अमर जग में नाम हो गया
प्यारा है प्यारा……..
वेदों का रास्ता सबको दिखाया,
और बनाया आर्य समाज,
ज्ञान की गंगा बहाई और
खत्म हुए सब उलटे रिवाज,
धर्म कर्म का पाठ पढ़ाया
कर गया कर गया वो धमाल
अमर जग में नाम……..
अविद्या में फँस कर दुख पा रहे थे,
के मर मर के मानव जिए जा रहे थे,
चारों तरफ था अंधकार छाया,
के पापों ने मिलकर जाल बिछाया,
सबको बचाया जीना सिखाया,
कर गया कर गया वो कमाल
अमर जग में नाम……..
ऋषिवर ये ऐसे फरिश्ता हो जैसे,
दुखी बेबासों की कर के पुकार,
गले से लगाया अपना बनाया,
पतझड़ मे लाया फिर से बाहार,
जमाना करे तुझको नमन बार बार,
अमर जग में नाम……..
सुनो आर्यों तुम ऋषि ऋण चुकाना,
भूल न जाना प्यारे ऋषि को,
लाखों करोड़ों उपकार उनके,
दिल में बसाना प्यारे ऋषि को,
पथिक देवता था प्रभु का देवाना,
कर गया कर गया वो कमाल
अमर जग में नाम……..
– दिनेश पथिक
Singer: Dinesh Pathik
Lyrics: Dinesh Pathik
Composer: Dinesh Pathik
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