४८- शहीदों के सिरमौर

४८- शहीदों के सिरमौर आर्यत्व की इमारत केते-केते शहीदों के। खून पे खड़ी है ऐसे प्रेम-धर्म-पूर थे।। वीर लेखराम धर्मवीर राजपाल आदि। संन्यासी शहीद श्रद्धानन्द मशहूर थे।। हुए बलिदान हिन्द…

४९- लेटा तेरी गोदी बीच बेटा दयानन्द सा (दयानन्द बावनी)

४९- लेटा तेरी गोदी बीच बेटा दयानन्द सा टंकारे का बंका तेरे मन्त्रों ने बजाया डंका। पाखण्डों की लंका जलाने में हनुमन्त सा।। क्रान्तिकारी कर्मयोगी क्रान्तदर्शी कर्मवीर। धर्म के ज्योतिर्धर…

५०- तू न होता तो (दयानन्द बावनी)

५०- तू न होता तो धर्म-कर्म-ध्याता नवयुग निर्माता तू ही। भव्यतम भारत के भाग्य का विधाता तू।। तेज तेरा ताता दुःख दैत्य अकुलाता जाता। शान्ता सुखदाता माता भारती को भाता…