निर्गुणोपासना

२७. निर्गुणोपासना – शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गन्ध, संयोग, वियोग, हल्का, भारी, अविद्या, जन्म, मरण और दुःख आदि गुणों से रहित परमात्मा को जानकर जो उसकी उपासना करनी है, उसको ‘निर्गुणोपासना’ कहते…

सगुणोपासना

२८. सगुणोपासना – जिसको सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान्, शुद्ध, नित्य, आनन्द, सर्वव्यापक, एक, सनातन, सर्वकर्त्ता, सर्वाधार, सर्वस्वामी, सर्वनियन्ता, सर्वान्तर्यामी, मंगलमय, सर्वानन्दप्रद, सर्वपिता, सब जगत् की रचना करने वाला, न्यायकारी, दयालु आदि सत्य गुणों से…

मुक्ति के साधन

३०. मुक्ति के साधन – अर्थात् जो पूर्वोक्त ईश्वर की स्तुति प्रार्थना और उपासना का करना, धर्म का आचरण और पुण्य का करना, सत्संग विश्वास तीर्थसेवन सत्पुरुषों का संग और परोपकारादि सब…