स्वभाव

७८. स्वभाव – जिस वस्तु का जो स्वाभाविक गुण है जैसे कि अग्नि में रूप और दाह, अर्थात् जब तक वह वस्तु रहे तब तक उसका वह गुण भी नहीं छूटता, इसलिये इसको ‘स्वभाव’ कहते हैं।

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