माता द्वारा सन्तानों को शिक्षा

सत्यार्थ प्रकाश के अनमोल वचन
माता द्वारा सन्तानों को शिक्षा

जब पांच वर्ष के लड़का-लड़की हों तब देवनागरी अक्षरों का अभ्यास करावे। अन्यदेशीय भाषाओं के अक्षरों का भी। उसके पश्चात् जिनसे अच्छी शिक्षा, विद्या, धर्म, परमेश्वर, माता-पिता, आचार्य, विद्वान्, अतिथि, राजा-प्रजा, कुटुम्ब, बन्धु, भगिनी, भृत्य आदि से कैसे-कैसे वर्त्तना इन बातों के मन्त्र, श्लोक, सूत्र, गद्य, पद्य भी अर्थसहित कण्ठस्थ करावे जिससे सन्तान कभी धूर्त के बहकावे में न आवे।

-महर्षि दयानन्द सरस्वती

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