भावना

६९. भावना – जो जैसी चीज़ हो उसमें विचार से वैसा ही निश्चय करना, कि जिसका विषय भ्रमरहित हो, अर्थात् जैसे को वैसा ही समझ लेना, उसको ‘भावना’ कहते हैं।

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