प्राणायाम से मन की शुद्धि

सत्यार्थ प्रकाश के अनमोल वचन

प्राणायाम से मन इन्द्रियों की शुद्धि जैसे अग्नि में तपाने से स्वर्णादि धातुओं का मल नष्ट होकर शुद्ध होते हैं वैसे प्राणायाम करके मन आदि इन्द्रियों के दोष क्षीण होकर निर्मल हो जाते हैं।

-महर्षि दयानन्द सरस्वती

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