परोपकार

५७. परोपकार – अर्थात् अपने सब सामर्थ्य से दूसरे प्राणियों के सुख होने के लिये जो तन, मन, धन से प्रयत्न करना है, वह ‘परोपकार’ कहाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *