परीक्षा

८२. परीक्षा – जो प्रत्यक्षादि आठ प्रमाण, वेदविद्या, आत्मा की शुद्धि, और सृष्टिक्रम के अनुकूल विचार के सत्यासत्य को ठीक ठाक से निश्चय करना है, उसको ‘परीक्षा’ कहते हैं।

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