तीन उत्तम शिक्षक

सत्यार्थ प्रकाश के अनमोल वचन
तीन उत्तम शिक्षक
वस्तुतः जब तीन उत्तम शिक्षक अर्थात् एक माता, दूसरा पिता तीसरा आचार्यहोवे तभी मनुष्य ज्ञानवान होता है।
वह कुल धन्य, वह सन्तान बड़ा भाग्यवान ! जिसके माता और पिता धार्मिक और विद्वान् हों। जितना माता से सन्तानों को उपदेश पहुंचता है उतना किसी से नहीं।
जैसे माता सन्तानों पर प्रेम और उनका हित करना चाहती हैं उतना अन्य कोई नहीं करता, इसलिए धन्य वह माता है कि जो गर्भाधान से लेकर पूरी विद्या न हो तब तक सुशीलता का ही उपदेश करे। -महर्षि दयानन्द सरस्वती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *