ज्येष्ठकनिष्ठव्यवहार

७३. ज्येष्ठकनिष्ठव्यवहार – जो बड़े और छोटों से यथायोग्य परस्पर मान्य करना है, उसको ‘ज्येष्ठकनिष्ठव्यवहार’ कहते हैं।

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