जीव का स्वरूप

७७. जीव का स्वरूप – जो चेतन, अल्पज्ञ, इच्छा, द्वेष, प्रयत्न, सुख, दुःख और ज्ञान गुणवाला तथा नित्य है, वह ‘जीव’ कहाता है।

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