कारण

३२. कारण – जिनको ग्रहण करके करने वाला किसी कार्य व चीज़ को बना सकता है, अर्थात् जिसके विना कोई चीज़ बन नहीं सकती, वह ‘कारण’ कहाता है, सो तीन प्रकार का है –

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