27 – कलीकाल कविगण (~भारत चालीसा)

भारत गौरव गान या भारत चालीसा
स्वर : ब्र. अरुणकुमार “आर्यवीर”

27 – कलीकाल कविगण
कलयुग में भी कालिदास, तुलसी सम हुए महा कविवर।
सूरदास, भूषण, रसखान बिहारी, गंग, कविर सुर नर।।
अमीचन्द, केशव सम कविवर, भारतेन्दु कवि हृदय सुघर।
और विश्व कवि रविन्द्रनाथ गये करके निज नाम अमर।।
जहां हुई मीरा व सुभद्रा कवयित्री जिस धरती पर।
हुए भारती, बंकिम, मैथिलिशरण राष्ट्र कविवर प्रियवर।।
नरसिं वचन कवि पंत, निराला, नाथूराम, उदयशंकर।
जहां हुए ऊर्दू के कवी गालिब और इकबाल बसर।।
है प्रकाश कविरत्न, पथिक, सुखलाल, प्रदीप सुजान।

है भूमण्डल में भारत देश महान।।
है भूमण्डल में आर्यावर्त महान।।