26 – संगीतज्ञ (~भारत चालीसा)

(~भारत चालीसा)

भारत गौरव गान या भारत चालीसा
स्वर : ब्र. अरुणकुमार “आर्यवीर”

26 – संगीतज्ञ
जहां हुए अर्जुन सम गायक, नृत्यकार यह करो प्रतीत।
विराट-कन्या उत्तरा को जिसने सिखलाया नृत्य व गीत।।
सरगम, ताल, तराना, तान, सुस्वर सब रागों में संगीत।।
मृदु बेला वीणा, सितार तबला, मृदंग थे साज सुरीत।।
औ मुरलीधर कृष्ण कन्हैया माधव थे बंशी से प्रीत।
कली में बैजू, तानसेन ने पाई गान कला में जीत।।
जहां हुए हैं सहगल और लता व रफी संगीत सुमीत।
और गया ओंकारनाथ का गान-कला में जीवन बीत।।
विष्णु दिगम्बर भीमसेन ने फूकी सुरों में जान।

है भूमण्डल में भारत देश महान।।
है भूमण्डल में आर्यावर्त महान।।