179 Jeevatmaa Prashnottari 05

जीवात्मा सम्बन्धी कुछ प्रश्न

१. शास्त्रों में आत्मा को जानना क्यों आवश्यक बताया गया है ?

२. जीवात्मा का स्वरूप (गुण, कर्म, स्वभाव, लम्बाई, चौड़ाई, परिमाण) क्या है ?

३. जीवात्मा शरीर में कहाँ रहता है ?

४. क्या, मनुष्य, पशु, पक्षी, कीट, पतंग आदि के शरीरों में जीवात्मा भिन्न-भिन्न होते हैं या एक ही प्रकार के होते हैं ?

५. जीवात्मा शरीर क्यों धारण करता है ? कब से कर रहा है ? और कब तक करेगा ?

६. क्या जीव भूत-प्रेत-डाकन आदि भी बनता है ?

७. शरीर में जीवात्मा कब आता है ?

८. क्या जीव और ब्रह्म (ईश्वर) एक ही हैं ?

९. क्या जीव ईश्वर बन सकता है ?

१०. क्या जीवात्मा एक वस्तु है ?

११. क्या जीवात्मा शरीर को छोड़ने में और नये शरीर को धारण करने में स्वतन्त्र है ?

१२. निराकार अणु स्वरूप वाला जीवात्मा इतने बड़े शरीरों को केसे चलाता है ?

१३. कर्मों का कर्ता जीवात्मा है या शरीर या इन्द्रियाँ या मन या अन्य कोई ?

१४. क्या जीवात्मा अपनी इच्छा से दूसरे के शरीर में प्रवेश कर सकता है ?

१५. मरने के बाद कितने समय में जीवात्मा दूसरा शरीर धारण करता है ?

१६. जीवात्मा की मुक्ति क्या है ? मुक्ति का समय कितना है ? कैसे प्राप्त होती है ?

१७. मुक्ति में जीवात्मा की क्या स्थिति होती है, वह कहाँ रहता है ? बिना इन्द्रियों के शरीर कैसे चलता, खाता, पीता है ?

१८. जीवात्मा अपने पिछले जन्म की घटनाओं को क्यों भूल जाता है ?

१९. जीवात्मा की इच्छाएँ कब समाप्त होती हैं ?

२०. जीवात्मा वास्तव में क्या चाहता है ?

२१. भोजन कौन खाता है शरीर या जीवात्मा ?

२२. एक शरीर में एक ही जीवात्मा रहता है या अनेक भी रहते हैं ?

२३. जीवात्मा शरीर में व्यापक है या एकदेशी ?

२४. क्या मृतक जीवात्मा के लिए किए गए श्राद्ध, तर्पण आदि का लाभ मृतक जीवात्मा को मिलता है ?

२५. जीव की परम उन्नति सफलता क्या है ?

२६. क्या जीवात्मा को प्राप्त होने वाले सारे सुख-दुःख अपने ही कर्मों के फल होते हैं ? या बिना ही कर्म किए दूसरों के कर्मों के कारण भी सुख-दुःख मिलते हैं ?

२७. जीवात्मा का शरीर एक ही होता है या अनेक होते हैं ?

२८. शरीर में जीवात्मा की अवस्थाएँ कितनी होती हैं ?

२९. किन लक्षणों के आधार पर यह कह सकते हैं कि किस व्यक्ति ने जीवात्मा का साक्षात्कार कर लिया है ?

३०. प्रलय अवस्था की क्या स्थिति होती है ?