13. महाकुंभ की खबर सुनी

13 श्रीमद्दयानन्द काव्यप्रकाश

रचनाकार : ओम प्रकाश आर्य

स्वर : ब्र. अरुणकुमार ”आर्यवीर

ध्वनिमुद्रण : स्वरदर्पण साऊण्ड स्टूडियो (जबलपुर)

वार्ता :- स्वामी विरजानंद जी ने दयानंद जी को अनेक शास्त्रीय रहस्य समझाए । यह भी पता चला कि हरिद्वार में बारह वर्ष बाद, महाकुम्भ का पर्व पड़ा है, उसमें समस्त देश के संत, महात्मा, योगी, यती आने वाले हैं।

छन्द :-

महाकुंभ की खबर सुनी तो, दयानंद मन करे विचार।

आज्ञा पालन करूं गुरु की, नहीं तो जीवन को धिक्कार।।

दोहा :-

कुंभ पर्व हरिद्वार में बहुत संत जन आवे।

कोई तो मिलेगा प्रभु भक्त जो वेद ज्ञान अपनावे।।

चौबोला :-

सत्य ज्ञान अपनाए धर्म की डूबी नाव उबारे।

कैसी दुर्गति भई देश की, इसकी ओर निहारे।।

पाखंडों का करे सफाया, वैदिक नाद पुकारे।

धन्य वही नर जन्म, कौम की बिगड़ी दशा सुधारे।।

गुरु की इच्छा जानी, उसी दम मन में ठानी।

कूंच हरिद्वार किया है।

गंगा तट पर जाए ऋषि ने डेरा डाल दिया है।