093 Sat Pra 3 Sam 44

सत्यार्थ प्रकाश
ले. महर्षि दयानन्द सरस्वती
व्याख्या: सत्यार्थ भास्कर
व्याख्याकार: स्वामी विद्यानन्द सरस्वती
स्वर: अरुणकुमार ”आर्यवीर“
093 श्रव्यकणिका
तृतीय समुल्लास 44