नील गगन के नीचे

नील गगन के नीचे, तुम सब मिलकर गाओ।

देश की खातिर जान भी देने से ऽ मत घबराओ आओ।
इसके अर्पण तन-मन-धन, सब कुछ अपना लुटाओ।। 1।।

भारत के तुम वीर सिपाही, आगे बढ़ते जाओ।
देश के शत्रु देश के द्रोही, सबको मार भगाओ।। 2।।

अपनी प्यारी आजादी को, हम आंच न आने देंगे।
अपने प्यारे भारत को सब, मिलकर सफल बनाओ।। 3।।

अन्धकार के घेरे में, लाखों इन्सान फंसे हैं।
ज्ञान का दीप जलाकर के तुम, सबको राह दिखाओ।। 4।।