दयानन्द बावनी

कवि दूलेराय काराणी वन्दु मात सरस्वती सुखदात्री सुखकंद। वंदन भगवती भारती दिया है दयानन्द।। ०१- ओम्कार महिमा अरूपी अकाम परिपूर्ण प्रेम-धर्म-धाम। आदि में अनादि नाम एक ओंम्कार का।। अखण्ड अखेद…