उठो जवानों करो प्रतिज्ञा

उठो जवानों करो प्रतिज्ञा जग को आर्य बनाना है। भूले भटके भ्रान्त पथिक को फिर सन्मार्ग दिखाना है।। टेक।। मतवादों का अन्ध कुहाँसा दिशाबोध भूला मानव। वैदिक सूर्य विभा चमकाकर…

संगच्छध्वं संवदध्वं

संगठन सूक्तम् संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्। देवा भागां यथा पूर्वे संजानाना उपासते।। समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः। समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति।। समानो मन्त्रः समितिः समानी…

सप्रयास मैं तुझ तक पहुंचा

“ब्रह्म युजित” सप्रयास मैं तुझ तक पहुंचा, अप्रयास मैं तुझमें डूबा।। टेक।। दुनियां थी मेरे प्रयास का रास्ता। दुनियां से फिर रखा ना वास्ता।। ब्रह्म युजित मैं दुनियां टूटा, अप्रयास…

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