दयानन्द बावनी (सम्पूर्ण)

कवि दूलेराय काराणी वन्दु मात सरस्वती सुखदात्री सुखकंद। वंदन भगवती भारती दिया है दयानन्द।। ०१- ओम्कार महिमा अरूपी अकाम परिपूर्ण प्रेम-धर्म-धाम। आदि में अनादि नाम एक ओंम्कार का।। अखण्ड अखेद…

०१- ओम्कार महिमा

दयानन्द बावनी कवि दूलेराय काराणी वन्दु मात सरस्वती सुखदात्री सुखकंद। वंदन भगवती भारती दिया है दयानन्द।। ०१- ओम्कार महिमा अरूपी अकाम परिपूर्ण प्रेम-धर्म-धाम। आदि में अनादि नाम एक ओंम्कार का।।…

०७- संन्यास

०७- संन्यास दूर देहाभ्यास किया सानन्द संन्यास लिया। तीव्र आत्मप्यास वेदाभ्यास ते बुझाय के।। भए मूलशंकर से दयानन्द सरस्वती। योग की जगाई ज्योत हिमाद्रि को जाय के।। हिंसक पशुन बीच…

०८- गुरु की शरण में

०८- गुरु की शरण में भारत की एक भव्य विभूति विरजानन्द। गुरुवर शरण में दयानन्द आयो है।। प्रज्ञाचक्षु गुरुजी को क्रोधी स्वभाव सह्यो। शिष्य को सुधर्म सहिष्णुता अपनायो है।। वेदधर्मोद्धार-व्रत…

११- ब्राह्मण

११- ब्राह्मण ब्राह्मणों ने कीनी ब्रह्मविद्या को विदेशपार। अविद्या अज्ञान को अंधार जापे आयो है।। विद्यादान ध्यान-धर्म ब्रह्म को न जान्यो मर्म। पाचकों को कर्म एक विप्र-मनभायो है।। वेद को…

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