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Articles Tag: Sanskrit Anuvaad Abhyas

पाठ: (३२) कर्मवाच्य (पॅसिव्ह वॉईस)

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (32) कर्मवाच्य (पॅसिव्ह वॉईस) (कर्म को प्रधान रूप से कहने के लिए कर्मवाच्य का प्रयोग होता है। कर्मवाच्य में कर्ता में [ … ]

पाठ: (33) भाववाच्य

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (33) भाववाच्य (क्रिया को प्रधानरूप से कहने के लिए भाववाच्य का प्रयोग होता है। भाववाच्य का प्रयोग अकर्मक धातुओं से होता [ … ]

पाठ: (34) कृदन्त 1 (निष्ठा प्रत्यय)

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (34) कृदन्त 1 (निष्ठा प्रत्यय) (व्याकरण में क्त तथा क्तवतु प्रत्यय की निष्ठा संज्ञा है। सामान्य रूप से दोनों प्रत्ययों का [ … ]

पाठ: (35) कृदन्त (2) निष्ठा प्रत्यय

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (35) कृदन्त (2) निष्ठा प्रत्यय (क्त प्रत्यय कर्त्तृवाच्य- अकर्मक धातुएं तथा श्लिष्, शीङ्, स्था, आस्, वस्, जन्, रुह्, ज§, इन धातुओं [ … ]

पाठ: (36) कृदन्त (3) निष्ठा प्रत्यय

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (36) कृदन्त (3) निष्ठा प्रत्यय (क्त प्रत्यय कर्तृवाच्य विशेषणरूप प्रयोग) बाला महाविद्यालयं गता = बालिका कॉलेज गई। महाविद्यालयं गतां बालिकां माता [ … ]

पाठ: (37) कृदन्त (4) निष्ठा प्रत्यय

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (37) कृदन्त (4) निष्ठा प्रत्यय (क्त प्रत्यय भाव में। अकर्मक धातुओं से क्त प्रत्यय भाव में होता है। सकर्मक धातुओं में [ … ]

पाठ: (38) कृदन्त (5) क्त्वा प्रत्यय

संस्कृतं वद आधुनिको भव।वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (38) कृदन्त (5) क्त्वा प्रत्यय (एक वाक्य में प्रयुक्त दो अथवा दो से ज्यादा क्रियाओं का कर्त्ता यदि समान है, तो पूर्वकाल [ … ]

पाठ: (39) कृदन्त (6) ल्यप् प्रत्यय

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (39) कृदन्त (6) ल्यप् प्रत्यय (सोपसर्ग = उपसर्ग सहित धातु हो तो क्त्वा प्रत्यय के स्थान पर ल्यप् प्रत्यय का प्रयोग [ … ]

पाठ: (40) कृदन्त 7 (क्त्वा + णमुल् प्रत्ययौ) + तुमुन् प्रत्ययाः

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (40) कृदन्त 7 (क्त्वा + णमुल् प्रत्ययौ) + तुमुन् प्रत्ययाः (”बार-बार करना“ इस अर्थ में एक ही वाक्य में प्रयुक्त समान [ … ]

पाठ: (41) कृदन्त (9) शतृ प्रत्यय

संस्कृतं वद आधुनिको भव। वेदान् पठ वैज्ञानिको भव।। पाठ: (41) कृदन्त (9) शतृ प्रत्यय (जब नाम शब्दों के विशेषण के रूप में वर्तमानकाल तथा भविष्यकाल में विद्यमान परस्मैपद संज्ञक धातु [ … ]