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Articles Tag: Gheron Ko Gher Do

3/1. विज्ञान और अध्यात्म

       पदार्थ संघीभूत शक्ति है। मानव संघीभूत चैतन्यता हैं । “संघीभूत शक्ति” पदार्थ की पदार्थ नहीं जानता है। संघीभूत चैतन्यता मानव की मानव जान सकता है। पदार्थ की संघीभूत शक्ति [ … ]

2/8 “दिव्य-मानव”

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे “दिव्य-मानव” स्वर्ग कहां हैं? “अल जन्नतों तहता कदम इल उम्म” कुशन शरीफ बहिश्त, स्वर्ग फैला हुआ हैं मां के पेरों के तले। [ … ]

2/7 मानवता-गृह

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे मानवता-गृह        मन्दिर, मसजिद, गिरजे, गुरुद्वारे करीब 50 लाख हैं भारत में। ये सब धर्म स्थल मुर्दा संस्कृतियों की लाशें ढो रहे [ … ]

2/6. न मम ही ब्रह्म शाश्वत है

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे न मम ही ब्रह्म शाश्वत है मेरा गिरजा, मेरा मन्दिर, मेरी मस्जिद, मेरा गुरुद्वारा आदि; और इन सबसे निकलती आवाजें मेरी बाइबिल, [ … ]

२/५ सरलता

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे “सरलता” पाक, सरल जीवन जीना हमें प्रारम्भ करना होगा इसी पल से। हम संसार से अभय रहें, संसार हम से अभय रहे। [ … ]

२/४ मानवता

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे मानवता त्सू कुंग पुछता है “एक शब्द में बताइए मन्युष्य का कर्तव्य क्या है?” कांगफ्यूत्सी करता है “भाई-चारा प्रेम।” ‘मत करो दूसरों के [ … ]

२/३ “एक ही कौम”

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे 3.”एक ही कौम”        “दाया राखे धर्म को पाले जग सूं रहे उदासी।        अपना सा जीव सबका माने ताही मिले अविनाशी।।” [ … ]

२/२ औरों के लिए रो दें

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे औरों के लिए रो दें ब्रह्म को जितने भी रास्ते जाते हैं औरों के मार्फत ही जाते हैं। कोई भी आदमी से [ … ]

२/१ डबरों से सागर की ओर

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे २/१ डबरों से सागर की ओर अध्यात्म को अन्धेरे के, अज्ञान के, रूढ़ियों के अन्धतम भयानक शिकंजों से उन्मुक्त करना होगा। जो [ … ]

7.”महापुरुषों की लाशों के संग्रहालय”

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे 7.”महापुरुषों की लाशों के संग्रहालय” धार्मिक महापुरुषों में ऐतिहासिक महापुरुषों के जीवन चरित्रों को भरपूर विकृत किया जाता है सम्प्रदाई भक्तों द्वारा। [ … ]

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