१६. घ्रा गन्धोपादाने

16. घ्रा गन्धोपादाने (गन्धोपादनम्- गन्ध-ग्रहणम्), भ्वादिगण 660, अनिट्, परस्मैपदी, सकर्मक

लट् (वर्तमान काल)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   जिघ्रति  जिघ्रतः  जिघ्रन्ति

म.पु.   जिघ्रसि  जिघ्रथः  जिघ्रथ

उ.पु.    जिघ्रामि जिघ्रावः जिघ्रामः

लिट् (परोक्ष भूत)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   जघ्रौ    जघ्रतुः  जघु्रः

म.पु.   जघ्रिथ/जघ्राथ    जघ्रथुः  जघ्र

उ.पु.    जघ्रौ    जघ्रिव  जघ्रिम

लुट् (अनद्यतन भविष्यत्)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   घ्राता   घ्रातारौ  घ्रातारः

म.पु.   घ्रातासि घ्रातास्थः घ्रातास्थ

उ.पु.    घ्रातास्मि घ्रातास्वः घ्रातास्मः

लृट् (भविष्यत्)  

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   घ्रास्यति घ्रास्यतः घ्रास्यन्ति

म.पु.   घ्रास्यसि घ्रास्यथः घ्रास्यथ

उ.पु.    घ्रास्यामि घ्रास्यावः घ्रास्यामः

लेट् (वेद)

प्र.पु.   एकवचन द्विवचन बहुवचन

सिप् णित्-पक्ष

(अट्/आट्)      (अट्/आट्)      (अट्/आट्)

घ्रासति/घ्रासाति   घ्रासतः/घ्रासातः   घ्रासन्ति/घ्रासान्ति

घ्रासत्/घ्रासात्           घ्रासन्/घ्रासान्

घ्रासद्/घ्रासाद्

सिप् अणित्-पक्ष

घ्रासति/घ्रासाति   घ्रासतः/घ्रासातः   घ्रासन्ति/घ्रासान्ति

घ्रासत्/घ्रासात्           घ्रासन्/घ्रासान्

घ्रासद्/घ्रासाद्

सिप् अभाव-पक्ष

जिघ्रति/जिघ्राति  जिघ्रतः/जिघ्रातः  जिघ्रन्ति/जिघ्रान्ति

जिघ्रत्/जिघ्रात्          जिघ्रन्/जिघ्रान्

जिघ्रद्/जिघ्राद्

म.पु.          सिप् णित्-पक्ष

घ्राससि/घ्रासासि  घ्रासथः/घ्रासाथः   घ्रासथ/घ्रासाथ

घ्रासः/घ्रासाः

सिप् अणित्-पक्ष

घ्राससि/घ्रासासि  घ्रासथः/घ्रासाथः   घ्रासथ/घ्रासाथ

घ्रासः/घ्रासाः

सिप्-अभाव-पक्ष

जिघ्रसि/जिघ्रासि  जिघ्रथः/जिघ्राथः  जिघ्रथ/जिघ्राथ

जिघ्रः/जिघ्राः

उ.पु.          सिप् णित्-पक्ष

घ्रासमि/घ्रासामि  घ्रासवः/घ्रासावः   घ्रासमः/घ्रासामः

घ्रासम्/घ्रासाम्    घ्रासव/घ्रासाव    घ्रासम/घ्रासाम

सिप् अणित्-पक्ष

घ्रासमि/घ्रासामि  घ्रासवः/घ्रासावः   घ्रासमः/घ्रासामः

घ्रासम्/घ्रासाम्    घ्रासव/घ्रासाव    घ्रासम/घ्रासाम

सिप्-अभाव-पक्ष

जिघ्रमि/जिघ्रामि  जिघ्रवः/जिघ्रावः   जिघ्रमः/जिघ्रामः

जिघ्रम्/जिघ्राम्   जिघ्रव/जिघ्राव    जिघ्रम/जिघ्राम

लोट् (आज्ञा अर्थ)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   जिघ्रतु/जिघ्रतात्  जिघ्रताम् जिघ्रन्तु

म.पु.   जिघ्र/जिघ्रतात्    जिघ्रतम् जिघ्रत

उ.पु.    जिघ्राणि जिघ्राव  जिघ्राम

लङ् (अनद्यतन भूतकाल)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   अजिघ्रत् अजिघ्रताम्      अजिघ्रन्

म.पु.   अजिघ्रः  अजिघ्रतम्      अजिघ्रत

उ.पु.    अजिघ्रम् अजिघ्राव अजिघ्राम

विधिलिङ् (आज्ञा या चाहिए अर्थ)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   जिघ्रेत्  जिघ्रेताम् जिघ्रेयुः

म.पु.   जिघ्रेः   जिघ्रेतम् जिघ्रेत

उ.पु.    जिघ्रेयम् जिघ्रेव  जिघ्रेम

आशीर्लिङ् (आशीर्वाद)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   घ्रेयात्   घ्रेयास्ताम्      घ्रेयासुः

म.पु.   घ्रेयाः   घ्रेयास्तम्       घ्रेयास्त

उ.पु.    घ्रेयासम् घ्रेयास्व  घ्रेयास्म

प्र.पु.   घ्रायात्  घ्रायास्ताम्      घ्रायासुः

म.पु.   घ्रायाः   घ्रायास्तम्      घ्रायास्त

उ.पु.    घ्रायासम् घ्रायास्व घ्रायास्म

लुङ् (सामान्यभूत)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   अघ्रात्  अघ्राताम् अघ्रुः

म.पु.   अघ्राः   अघ्रातम् अघ्रात

उ.पु.    अघ्राम्  अघ्राव   अघ्राम

प्र.पु.   अघ्रासीत् अघ्रासिष्टाम्     अघ्रासिषुः

म.पु.   अघ्रासीः अघ्रासिष्टम्     अघ्रासिष्ट

उ.पु.    अघ्रासिषम्      अघ्रासिष्व       अघ्रासिष्म

लृङ् (हेतुहेतुमद् भविष्यत्)

एकवचन द्विवचन बहुवचन

प्र.पु.   अघ्रास्यत्       अघ्रास्यताम्     अघ्रास्यन्

म.पु.   अघ्रास्यः अघ्रास्यतम्     अघ्रास्यत

उ.पु.    अघ्रास्यम्       अघ्रास्याव       अघ्रास्याम

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