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Today's Words

Category: Prajatantra Hatya Kranti

प्रजातन्त्री न्याय कचूमर व्यवस्था

न्याय के दो भाग होते हैं- एक विधायी दूसरा कार्यकारी या न्यायालयी। इन दोनों मे सामंजस्य होना आवश्यक है। सिद्धान्ततः न्यायालयी भाग उच्च कोटि की शैक्षणिक, पद, उम्र, अनुभव, योग्यता [ … ]

लोकशक्ति एवं प्रजातन्त्र

प्रजातन्त्र के तीन आधारस्तम्भ माने जाते हैं। 1. न्याय व्यवस्था, 2. प्रशासन व्यवस्था, 3. विधायी व्यवस्था। समाचार पत्र व्ययं को प्रजातन्त्र का चौथा आधारस्तम्भ कहते हैं। यह अति दुःखद तथ्य [ … ]

भ्रष्टाचार कारण व निवारण

”पचीस-पचहत्तर“ एक महत्वपूर्ण सिद्धान्त है। यह सिद्धान्त औद्योगिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, व्यक्तिगत समस्याओं के निदान के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इस सिद्धान्त का सार यह है कि ”समस्त [ … ]

प्रजातंत्र हत्या क्रांति की दस्तावेज

प्रजातन्त्र समाजवाद थोथी व्यवस्थाएं, स्व स्वस्थ कर ले। हर एक संरचना टूट फूट फैली, लक्ष्य एक जुड़ ले।।1।। आधुनिक युग में प्रजातन्त्र व्यवस्था पर आकर समाज ठहर गया है। विश्व-समाज [ … ]