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तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु

तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु हों विमल संकल्प मेरे उस सतत गतिशील मन के। हा शिवम् संकल्प मेरे उस सतत गतिशील मन के।। टेक।। ओ3म् यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति। दूरङ्गमं [ … ]

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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

ध्येय गीत (प्रातःयज्ञ के समय) ओ३म् इन्द्रं वर्धन्तो अप्तुरः कृण्वन्तो विश्वमार्यम्। अपघ्नन्तो अराव्णः।। (ऋग्वेद ९/६३/५) हे प्रभो! हम तुम से वर पाएँ। सकल विश्व को आर्य बनाएँ।। फैलें सुख सम्पत्ति [ … ]

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यज्ञ प्रार्थना

यज्ञ प्रार्थना पूजनीय प्रभो हमारे, भाव उज्वल कीजिए। छोड़ देवें छल-कपट को, मानसिक बल दीजिए।। 1।। वेद की बोलें ऋचाएं, सत्य को धारण करें। हर्ष में हों मग्न सारे, शोक [ … ]

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ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना गान

ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना गान ओ३म् विश्वानि देव सवितर्दुरितानि परा सुव। यद् भद्रन्तन्न ऽ आसुव।। 1।। (यजु अ.30/मं.3) हे सकल जगत् के उत्पत्तिकर्ता, समग्र ऐश्वर्ययुक्त, शुद्धस्वरूप, सब सुखों के दाता [ … ]

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साथी सारे जगे तू न जागा..!!

प्रातःगान बेला अमृत गया, आलसी सो रहा, बन अभागा।साथी सारे जगे तू न जागा।। झोलियाँ भर रहे भाग्य वाले, लाखों पतितों ने जीवन सम्भाले। रंक राजा बने, भक्ति रस में [ … ]

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जो जागत है सो पावत है

प्रातःगान उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है? जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सो पावत है।। टुक नींद से अँखिया खोल जरा, [ … ]

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अमृत वेला जाग

प्रातःगान अमृत वेला जाग अमृत बरस रहा। छोड़ नींद का राग अमृत बरस रहा।। चार बजे के पीछे सोना, है अपने जीवन को खोना। झट बिस्तर को त्याग, अमृत बरस [ … ]

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ब्रह्मन् स्वराष्ट्र में हों..!!

ब्रह्मन् स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी। क्षत्रिय महारथी हों, अरिदल विनाशकारी।। 1।। होवें दुधारु गौएं, पशु अश्व अशुवाही। आधार राष्ट्र की हों, नारी सुभग सदा ही।। 2।। बलवान सभ्य [ … ]

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राष्ट्रगान

आ ब्रह्मन् ब्राह्मणो ब्रह्मवर्चसी जायताम्। आ राष्ट्रे राजन्यः शूर इषव्योऽति व्याधी महारथो जायताम्। दोग्ध्री धेनुर्वोढाऽनड्वानाशुः सप्तिः पुरन्धिर्योषा जिष्णू रथेष्ठाः सभेयो युवास्य यजमानस्य वीरो जायताम्। निकामे निकामे नः पर्जन्यो वर्षतु फलवत्यो [ … ]

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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

एक साथ उच्चार करें, हम ऐसा व्यवहार करें। एक मन्त्र का घोष करें, कृण्वन्तो विश्वमार्यम्।। टेक।। आज नहीं प्राचीन समय से वेद हमारा साथी। दूर दूर तक फैलाई थी वैदिक [ … ]

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