Loading...
Today's Words

Articles

यथावत अर्थात स्तुति प्रबन्धन

‘बुलबुला प्रबन्धन’, ‘ललो चप्पो प्रबन्धन’ है वर्तमान का भारतीय प्रबन्धन। बच्चे जो साबुन का बुलबुला फुलाते हैं देखते हैं साबुन तह के बदलते रंग; और खुश हो जाते हैं। फिर [ … ]

Read more

पुष्प प्रबन्धन

मुझे तोड़ लेना तुम माली उस पथ पर तुम देना फेंक मातृभूमि पर षीष चढ़ाने जिस पथ जाएं वीर अनेक यह पुष्प अभिलाषा उदात्त अभिलाषा है। पुष्पगुच्छ ऊर्ध्व गति, त्याग [ … ]

Read more

स्वभाव प्रबन्धन

‘स्व’ के मूल ‘भाव’ को ‘स्वभाव’ कहते हैं। विश्व के सारे प्रबन्धनों का उद्देश्य है ”स्व-भाव“ परिवर्तन। प्रबन्धन में लक्ष्य परिवर्तन आयोजन परिवर्तन कर देता है। अतः खांचे ढला आदमी [ … ]

Read more

“प्राकृतिक संरक्षण का प्रश्न ?”

कल्याणमयी, सुरक्षित, विस्तृत सुआधार, सुज्योतित, उथल पुथल रहित, उत्तम सुखदायक, अंखंडित, दक्षतापूर्वक निर्मित एवं चलित, उत्तर आधार युवा, निर्दोष तथा छिद्र रहित अन्तरिक्ष नाव धरती का हम आरोहण करें । [ … ]

Read more

2/8 “दिव्य-मानव”

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे “दिव्य-मानव” (~क्रमशः) स्व. डॉ. त्रिलोकीनाथ जी क्षत्रिय पी.एच.डी. (वैदिक आचार मीमांसा का समालोचनात्मक अध्ययन), एम.ए. (आठ विषय = दर्शन, संस्कृत, समाजशास्त्र, हिन्दी, [ … ]

Read more

2/7 मानवता-गृह

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे मानवता-गृह        मन्दिर, मसजिद, गिरजे, गुरुद्वारे करीब 50 लाख हैं भारत में। ये सब धर्म स्थल मुर्दा संस्कृतियों की लाशें ढो रहे [ … ]

Read more

2/6. न मम ही ब्रह्म शाश्वत है

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे न मम ही ब्रह्म शाश्वत है मेरा गिरजा, मेरा मन्दिर, मेरी मस्जिद, मेरा गुरुद्वारा आदि; और इन सबसे निकलती आवाजें मेरी बाइबिल, [ … ]

Read more

२/५ सरलता

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे “सरलता” पाक, सरल जीवन जीना हमें प्रारम्भ करना होगा इसी पल से। हम संसार से अभय रहें, संसार हम से अभय रहे। [ … ]

Read more

२/४ मानवता

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे मानवता त्सू कुंग पुछता है “एक शब्द में बताइए मन्युष्य का कर्तव्य क्या है?” कांगफ्यूत्सी करता है “भाई-चारा प्रेम।” ‘मत करो दूसरों के [ … ]

Read more

२/३ “एक ही कौम”

घेरों को घेर दो उन्मुक्त हो ही जाओगे 3.”एक ही कौम”        “दाया राखे धर्म को पाले जग सूं रहे उदासी।        अपना सा जीव सबका माने ताही मिले अविनाशी।।” [ … ]

Read more